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फà¥à¤‚सी (पिंपलà¥à¤¸) और फोड़े में अंतर कैसे पहचानें? जानें दोनों समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण और बचाव के उपाय
कà¥à¤¯à¤¾ आपको फोड़े और फà¥à¤‚सी में अंतर पता है? आजकल के गलत खानपान, शारीरिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ की कमी और तनाव कई तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों का कारण बन चà¥à¤•ा है। लेकिन इनमें सबसे सामानà¥à¤¯ या आम फोड़े-फà¥à¤‚सी हैं। हर दूसरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इनसे परेशान रहता है। कोई शरीर पर होने वाले फोड़ों से तो कोई चेहरे या तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाले फà¥à¤‚सियों से परेशान रहता है। कà¥à¤¯à¤¾ आप इन दोनों के बीच के अंतर को जानते हैं (Difference Between Boils and Pimples)?
दरअसल, फोड़े और फà¥à¤‚सी दो अलग-अलग शबà¥à¤¦ है। इन दोनों का मतलब à¤à¥€ अलग-अलग ही होता है। फोड़े को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में Boil कहा जाता है, तो फà¥à¤‚सी को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में Pimple कहा जाता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाले फोड़े-फà¥à¤‚सियां के कारण à¤à¥€ अलग-अलग ही होते हैं। चलिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž पूजा चोपड़ा से जानते हैं इन दोनों के बीच के अंतर को-
फà¥à¤‚सी या पिंपल कà¥à¤¯à¤¾ है ? (What is Pimple)
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर छोटे-छोटे छिदà¥à¤° होते हैं, जो तेल को रिसते हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कोमल बनाते हैं। जब रोमछिदà¥à¤° बंद होते हैं यानी इनमें तेल, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर फà¥à¤‚सी या पिंपल शà¥à¤°à¥‚ होने लगते हैं। जब पिपल फीके पड़ जाते हैं (ठीक होने लगते हैं) तो ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर काले धबà¥à¤¬à¥‡ छोड़ देते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ पिपलà¥à¤¸ हमेशा के लिठनिशान दे जाते हैं। ये मवाद वाले à¤à¥€ हो सकते हैं।
फà¥à¤‚सी होने के कारण (Causes of Pimple)
वैसे तो पिंपलà¥à¤¸ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों को हो सकते हैं। लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में ही यह देखने को मिलता है। किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ की वजह से फà¥à¤‚सी या पिंपलà¥à¤¸ होना सामानà¥à¤¯ है। लेकिन अगर बढ़ी या छोटी उमà¥à¤° में पिंपलà¥à¤¸ हो तो आपको थोड़ा अलरà¥à¤Ÿ हो जाना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठआपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ लंबे समय तक फà¥à¤‚सी रहे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करें।
यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ की वजह से हो सकते हैं।
यौवन या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन से
पà¥à¤°à¥à¤· हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ होने पर
फà¥à¤‚सी के लिठबचाव टिपà¥à¤¸ (Prevention Tips to Pimple)
चेहरे से पिंपल की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने के लिठआपको अपनी सà¥à¤•िन केयर रूटीन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत होती है। à¤à¤• पिंपल को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
रोज सà¥à¤¬à¤¹-शाम दोनों समय तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साफ पानी और हलà¥à¤•े कà¥à¤²à¥€à¤‚जर से धोना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤²à¥€à¤‚जर आपके सà¥à¤•िन टाइप के अकॉरà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग होना चाहिà¤à¥¤
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर माइलà¥à¤¡ मॉयशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रूखेपन को दूर करने में मदद करता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ से डेड सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ या मृत तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं को हटाने के लिठहफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार सौमà¥à¤¯ सà¥à¤•à¥à¤°à¤¬à¤° से तà¥à¤µà¤šà¤¾ को à¤à¤•à¥à¤¸à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤Ÿ करें। इस दौरान फà¥à¤‚सी को फोड़ने से बचें।
फोड़ा कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Boil)
फोड़ा शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ पर हो सकता है। यह à¤à¤• गांठहोती है, जो सूजी और लाल होती है। फोड़ा धीरे-धीरे मवाद से à¤à¤° जाता है और इसका आकार बढ़ने लगता है। फोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° पसीने वाली जगहों पर होते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° फोड़े गदरà¥à¤¨, अंडरआरà¥à¤®à¥à¤¸, जांघ, चेहरे और नितंब पर होते हैं। कई बार à¤à¤• साथ कई फोड़े होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं और इनमें लगातार वृदà¥à¤§à¤¿ होती रहती है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को कारà¥à¤¬à¥à¤¨à¤•ल (फोड़े का à¤à¤• समूह) कहा जाता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बेहद दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कà¤à¥€-कà¤à¥€ थकान और बà¥à¤–ार जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नजर आ सकते हैं।
फोड़ा होने के कारण (Causes of Boil)
फोड़ों की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ और यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होती है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में फोड़े सबसे आम हैं। यह कई कारणों से हो सकता है। कई बार पसीने के कारण तो कई बार दूसरों के साथ अपनी निजी चीजों को शेयर करके à¤à¥€ फोड़ा हो सकता है।
फोड़े सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस ऑरियस (Staphylococcus Aureus) जैसे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हो सकते हैं।
दूसरे लोगों के साथ अपनी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त चीजें जैसे तौलिया, रेजर या अनà¥à¤¯ समान शेयर करना।
कमजोर रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (Immunity) वाले लोगों को à¤à¥€ फोड़े होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
पसीना à¤à¥€ फोड़े होने का à¤à¤• कारण बन सकता है।
फोड़ा होने पर à¤à¤¸à¥‡ करें बचाव (Prevention Tips for Boil)
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में फोड़ा होने पर आप कà¥à¤› बचाव टिपà¥à¤¸ फॉलो करके इसे ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक फोड़ा बना रहे तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी होता है। इन बचाव टिपà¥à¤¸ की मदद से इसमें काफी हद तक आराम मिल सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ फोड़ा बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• हो सकता है।
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ या फोड़े के आस-पास गरà¥à¤® सेक लगाà¤à¤‚। इससे दरà¥à¤¦ से काफी हद तक आराम मिलेगा।
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाने पर à¤à¥€ फोड़े के दरà¥à¤¦ में आराम मिल सकता है।
आप चाहें तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर à¤à¤‚टीबायोटिक कà¥à¤°à¥€à¤® à¤à¥€ लगा सकते हैं। इससे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नषà¥à¤Ÿ हो जाà¤à¤‚गे।
फोड़े और उसके आस-पास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को सूखा रखें।
फोड़े को छूने या उस पर खà¥à¤œà¤²à¥€ करने के बाद साबà¥à¤¨ से अचà¥à¤›à¥€ तरह से हाथ धोà¤à¤‚। इससे दूसरी जगह पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं फैलेगा।
दूसरे लोगों के साथ अपनी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त चीजों को शेयर करने से बचें।
अगर आपको चेहरे पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤‚सियां हो, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ जरूर करना चाहिà¤à¥¤ आप अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की केयर कर रहे हैं, फिर à¤à¥€ पिंपल कम न हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा अगर आपके फोड़े बढ़ रहे हैं, साथ ही उनमें दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो रहा है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
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